■ विकास दुबे का पुरा कच्चा चिट्ठा ● बचपन में हैड मास्टर के कतल से लेकर उसके आज हुये अकाउंटर तक की पूरी कहनी ●

■ विकास दुबे का पुरा कच्चा चिट्ठा ● बचपन में हैड मास्टर के कतल से लेकर उसके आज हुये अकाउंटर तक की पूरी कहनी ●
Main Highlight of Vikas Dube Encounter :-


You botched an opportunity to document a kindness request and open preeminent court in center of the night for another " fear based oppressor"

Vikas Dubey voyaged in excess of 700 kms from Faridabad to Ujjain, supplicated at the Mahakaal sanctuary and then began to yell he is Vikas Dubey. Advised the gatekeepers to illuminate police. Ujjain police captured him from the sanctuary. This while UP police was peering into TV studios in Noida.

Shooting on police is named as a war against state.

Mr Modi accepts the world resembles him. He thinks each one has a cost or can be scared.

He will never comprehend that the individuals who battle at reality have no cost and can't be scared.

Breaking now: Nepal bans all Indian news channels with the exception of DD. Says channels running bogus enemy of Nepal publicity.. all things considered, some run publicity, period!Folded hands

A resigned IPS official lets me know: 'It's improbable Vikas Dubey will be gotten; he and partners will be generally 'experienced', they know an excessive number of insider facts about too much 'huge' individuals'" well, it's day 6 since the hoodlum got away in the wake of killing 8 cops. Watch this space!
■ विकास दुबे का पुरा कच्चा चिट्ठा ● बचपन में हैड मास्टर के कतल से लेकर उसके आज हुये अकाउंटर तक की पूरी कहनी ●

Vikas Dubey likewise made sure to call ANI before his acquiescence!

Counterfeit experiences are an indication of absolute political agitation and disappointment of state.

A few people may bolster this yet recollect no nation on the planet without rule of law has ever accomplished long haul strength, harmony and improvement.

As a matter of fact sir,, possibly you have to guarantee that the police lawmaker criminal nexus is broken in India. Also, I will adhere to staying a correspondent whose sources are now and again right! I truly wish I was refuted however.

So every major ideological group has gone ahead television and guaranteed that they didn't belittle Vikas Dubey. At the point when in all actuality they ALL did, an exemplary instance of 'sabka saath, sabka Vikas!' As is commonly said in UP, 'sab setting hai'.. great night , shubhratri!

Furthermore, here is the BIG BREAKING NEWS: Vikas Dubey ARRESTED from Ujjain. Ideally, the

@myogiadityanath

govt will guarantee all his political/VIP joins are presently brought out.


कानपुर हत्याकांड (kanpur hatyakand) का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) में मारा गया है। एनकाउंटर से पहले उसने उज्जैन में पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार उसने स्वीकारा है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा से वह चिढ़ता था।
■ विकास दुबे का पुरा कच्चा चिट्ठा ● बचपन में हैड मास्टर के कतल से लेकर उसके आज हुये अकाउंटर तक की पूरी कहनी ●

गैंगस्टर विकास दुबे का कानपुर में एनकाउंटर, मौत

उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था

उज्जैन में पूछताछ के दौरान उसने कानपुर कांड को लेकर कई खुलासा किया

पैर पर कमेंट को लेकर विकास दुबे सीओ देवेंद्र मिश्रा से चिढ़ा रहता था

Vikas Dubey Encounter: मरने से पहले विकास दुबे कर गया था यह बड़ा खुलासा

कानपुर हत्याकांड (kanpur hatyakand) का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) में मारा गया है। एनकाउंटर से पहले उसने उज्जैन में पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार उसने स्वीकारा है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा से वह चिढ़ता था।

गैंगस्टर विकास दुबे का कानपुर में एनकाउंटर, मौत

उज्जैन से गैंगस्टर विकास दुबे को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था

उज्जैन में पूछताछ के दौरान उसने कानपुर कांड को लेकर कई खुलासा किया

पैर पर कमेंट को लेकर विकास दुबे सीओ देवेंद्र मिश्रा से चिढ़ा रहता था

उज्जैन

कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उससे पहले विकास ने उज्जैन में अपना बड़ा गुनाह कबूल किया है। उज्जैन में विकास ने कबूला है कि वह शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत करता था। पूछताछ में उसने स्वीकारा है कि देवेंद्र मिश्रा की हर गतिविधि के बारे में पुलिस के लोग ही हमें सूचना देते थे। यहां तक कि विकास दुबे के बारे सीओ देवेंद्र मिश्रा कोई व्यक्तिगत कमेंट भी करते थे, तो उसकी भी जानकारी विकास को हो जाती थी। विकास ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कानपुर कांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

कई बार हुआ था विवाद

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास दुबे का सीओ देवेंद्र मिश्रा से कई बार विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कहासुनी भी हुई थी। आसपास के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों ने मुझे जानकारी दी थी कि सीओ देवेंद्र मिश्रा मेरे खिलाफ हैं। ये सारी चीजें जानकर सीओ देवेंद्र मिश्रा के खिलाफ मुझे बहुत गुस्सा आता था। उसने पुलिस के सामने कबूला है कि उसने सीओ को नहीं मारा है। विकास दुबे ने पुलिस के सामने स्वीकारा है कि मेरे साथियों ने आहते से मामा के आंगन में जाकर सीओ पर हमला किया। मेरे पैर पर कमेंट को लेकर मेरे साथी भी उससे चिढ़े हुए थे। इसलिए उन लोगों ने उसके पैर पर वार करने के बाद उसके सिर में गोली मार दी थी।

जलाने की थी तैयारी

सूत्रों के मुताबिक विकास ने पूछताछ के दौरान यह कबूला था कि मुझे पहले ही पुलिस की छापेमारी के बारे में खबर मिल गई थी। मुझे जो खबर थी, उसके अनुसार पुलिस भोर में पहुंचने वाली थी। लेकिन पुलिस छापेमारी के लिए रात को ही पहुंच गई। एनकाउंटर में पुलिस के जवान मारे गए। पुलिसकर्मियों के शव को हम लोग जलाने वाले थे। शवों को इकट्ठा भी कर लिया था। लेकिन रात को और पुलिस आने लगी, तो हम लोग भाग निकले।


देवेंद्र मिश्रा से था पंगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास ने कबूला है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा के साथ उसकी नहीं बनती थी। विकास ने पुलिस को बताया है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा मुझे देख लेने की धमकी देता था। कई बार इसे लेकर उससे हमारी बहस हो चुकी थी। पुलिस के लोगों ने ही मुझे खबर दी थी कि वह मेरा एनकाउंटर करना चाहता था। उसने कहा कि मेरे आदमियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को मारा है।

अलग-अलग भागे सभी

विकास ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि कानपुर कांड के बाद उसने अपने गुर्गों को अलग-अलग इलाकों में भागने के लिए कहा था। इसके बाद जिसे जिधर समझ में आया, वह उधर ही भाग गया। विकास के पास पुलिस में मौजूद उसके लोगों ने सूचना पहुंचाई थी कि पुलिस सुबह में रेड डालेगी लेकिन पुलिस रात में ही पहुंच गई थी। इसलिए ये कांड हो गया।

Vikas Dubey News Update: गैंगस्टर विकास की मुठभेड़ में मौत, मां ने खुद को घर में किया बंद; पुलिस और मीडिया से बनाई दूरी

Vikas Dubey News Update बेटे की मौत की खबर मिलते ही आरोपी की मां ने खुद को घर में बंद कर लिया। मकान के बाहर मीडिया व पुलिस का जमावड़ा लगा हुआ है।

लखनऊ, जेएनएन। Vikas Dubey News Update: कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे कानपुर में ही शुक्रवार सुबह एक एसटीएफ से मुठभेड़ में मारा गया है। विकास की मौत की खबर मिलते ही राजधानी के कृष्णा नगर में इंद्रलोक कॉलोनी स्थित घर में भाई दीप प्रकाश की पत्नी अंजलि और मां सरला को मिली तो उन्होंने खुद को घर में बंद कर पुलिस व मीडिया से दूरी बना ली। मकान के बाहर मीडिया व पुलिस का जमावड़ा लगा हुआ है। इंस्पेक्टर कृष्णानगर डीके उपाध्याय के मुताबिक, विकास के भाई दीप प्रकाश के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई। परिवारजन किसी से बात नहीं करना चाहते हैं।

बता दें, उज्जैन से कानपुर आ रही यूपी एसटीएफ की गाड़ी के रास्ते में पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और विकास दुबे के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। गाड़ी पलटने के बाद मोस्टवांटेड विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल विकास दुबे को पुलिस अस्पताल लेकर गई। इसके बाद पुलिस की ओर से विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने की पुष्टि की गई है। इस मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मियों घायल हुए हैं।

विकास की पत्नी, नौकर और बेटा गिरफ्तार

कृष्णानगर के इंद्रलोक कॉलोनी स्थित विकास दुबे के मकान के पास से उसकी पत्नी रिचा बेटे संग पकड़ी गई। डायल 112 पर स्थानीय लोगों ने विचार और उनके बेटे को देखकर फोन किया था, इस बीच एसटीएफ की टीम भी वहां पहुंच गई। कृष्णा नगर पुलिस की मदद से रिचा को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले कृष्णा नगर पुलिस ने विकास के नौकर महेश को गिरफ्तार कर एसटीएफ के हवाले कर दिया।

टाइमलाइन में जानें कब क्या हुआ :-
Vikash Dube new Photu

गुरुवार रात करीब 3:15 बजे झांसी बॉर्डर से एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई।

शुक्रवार सुबह करीब 4:45 बजे एसटीएफ की टीम उरई के एट टोल से विकास दुबे को लेकर निकली है।

5.20 बजे - जालौन जिले के आटा टोल प्लाजा से विकास दुबे को लेकर काफिला निकला।

5:38 बजे - कालपी का यमुना पुल पार कर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश कर गया।

6:00 - बारा टोल कानपुर देहात से कानपुर नगर की तरफ रवाना हुई।

सुबह 6:15 - कानपुर देहात बॉर्डर रायपुर से नगर में प्रवेश किया।

सुबह 6:30 - एसटीएफ की गाड़ी पलटने की सूचना आई। अपराधी विकास दुबे के भागने की कोशिश पर गोली चलाने की सूचना आई।

सुबह - 7:10 - एसटीएफ और पुलिस अपराधी विकास दुबे को अस्पताल लेकर पहुंची।

सुबह - 7:55 पर डॉक्टरों ने अपराधी विकास दुबे को मृत घोषित किया।

Kanpur Encounter: 8 पुलिसवालों को मौत की नींद सुलाने वाला मास्टरमाइंड विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार

Vikash Dubey Arrested: विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) से पकड़ा गया है. यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि गैंगस्‍टर गिरफ्तार हो चुका है.

कानपुर. चौबेपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत का मास्टरमाइंड विकास दुबे (Vikas Dubey) उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) से गिरफ्तार हो गया है. यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि वह गिरफ्तार हो चुका है. महाकाल मंदिर थाने में विकास दुबे ने सरेंडर किया है. फिलहाल उज्जैन के फ्रीगंज थाने से उसे किसी गुमनाम स्थान पर ले जाया गया है. अब यूपी पुलिस की एक टीम भी उज्जैन रवाना हो चुकी है. बता दें कि बुधवार को वह फरीदाबाद में देखा गया था, लेकिन वह कैसे उज्जैन पहुंचा, इस बात की पूछताछ की जा रही है.

महाकाल मंदिर पहुंचकर �

30 साल त​क मिटाता रहा सबूत, पढ़ें कैसे 7 दिन में खत्म हो गया डॉन विकास दुबे का खेल:-
■ विकास दुबे का पुरा कच्चा चिट्ठा ● बचपन में हैड मास्टर के कतल से लेकर उसके आज हुये अकाउंटर तक की पूरी कहनी ●

कानपुर. कानपुर (Kanpur) में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से फरार चल रहे पांच लाख के इनामी विकास दुबे (Vikas Dubey) को आज सुबह एनकांउटर (encounter) में मार गिराया गया. बता दें कि यूपी एसटीएम की टीम विकास दुबे को जब मध्य प्रदेश से कानपुर लेकर आ रही थी तभी जिस गाड़ी में विकास दुबे बैठा था उसका एक्सीडेंट हो गया. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे का फायदा उठाकर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और इसी दौरान वह एनकाउंटर में मारा गया.

कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी. इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. इसी बीच एसटीएफ की दूसरी गाड़ियां वहां पहुंच गईं और पुलिस की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे को गोली लगी. उधर, पता चला है कि 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इनमें एक इंस्पेक्टर, एक एएसआई और दो सिपाही शामिल हैं.

आइए जानते हैं विकास दुबे के सात दिन की कहानी


उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हफ्ते पहले हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके साथियों ने हमला कर दिया था. इस घटना में 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे जबकि 7 घायल हो गए थे. इस घटना ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था. हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ जान से मारने की कोशिश की एक एफआईआर पर पुलिस की सख्ती के बाद जिस तरह से पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा गया तब से ही विकास दुबे पुलिस के रडार में आ गया था.
पुलिस के हाथ कैसे लगा गैंगस्टर विकास दुबे
यूपी का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे को उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था. बताया जा रहा है कि महाकाल मंदिर परिसर में पहुंच कर विकस चिल्ला-चिल्लाकर ख़ुद को विकास दुबे बता रहा था. उसे फौरन मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने पकड़ लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी थी. जिसके बाद महाकाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि पुलिस ने जब शख्‍स को पकड़ा तो चिल्‍लाने लगा- मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला.
मीडिया को कैसे नहीं लग सकी भनक
जब यूपी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश से लेकर चली, तभी से मीडिया की गाड़ियां उसे फॉलो कर रहीं थी. कानपुर तक भी मीडिया की गाड़ियां पीछे थी. लेकिन एक जगह पर करीब एक किलोमीटर पहले तक मीडिया की गाड़ियों को रोक दिया गया और चेकिंग की जा रही थी. इसके तुरंत बाद एसटीएफ के काफिले में शामिल गाड़ी के पलटने की खबर आई.
विकास दुबे का कैसे हो गया एनकाउंटर
शुक्रवार सुबह जब यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को उज्‍जैन से ला रही थी तभी उनके काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है. इस दौरान आरोपी विकास दुबे ने कार में सवार पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. इसी बीच एसटीएफ की दूसरी गाड़ियां वहां पहुंच गईं और पुलिस की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे को गोली लगी.
विकास दुबे का शव अभी कहां रखा गया है
विकास दुबे के शव को मुठभेड़ के बाद हैलट अस्‍पताल में रखा गया है. एसएसपी और अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि की है. कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने भी गैंगस्‍टर विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि कर दी है.
इस पूरे एनकाउंटर पर पुलिस की क्या है थ्योरी
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि विकास दुबे को ला रहे काफिले के पीछे कुछ गाड़ियां लगी हुई थीं. यह लगातार पुलिस के काफिले को फॉलो कर रही थीं. जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई. बारिश तेज़ थी इसलिए गाड़ी पलट गई. एसएसपी के मुताबिक, इस मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे भागने की कोशिश में था. हमारे एसटीएफ जवान इस गाड़ी को पीछे से फॉलो कर रहे थे. उन्होंने कॉम्बिंग की. फायरिंग हुई और सेल्फ डिफेंस में विकास दुबे पर गोली चलाई गई, जिससे वह मारा गया.

बीजेपी नेता की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था

साल 2001 में विकास दुबे ने बीजेपी के सीनियर नेता संतोष शुक्ला की शिवली पुलिस स्टेशन के अंदर हत्या कर दी. उन दिनों केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. कहा जाता है कि हरिकिशन श्रीवास्तव और संतोष शुक्ला के बीच राजनीतिक लड़ाई के चलते उसने ये मर्डर किया. पुलिस स्टेशन में हत्या को अंजाम देने के बाद भी पुलिस उसे वहां गिरफ्तार नहीं कर सकी. आखिरकार उसने कोर्ट में सरेंडर किया.

Vikas Dubey Encounter: मायावती बोलीं- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

xलखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है. विकास दुबे की मौत पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा, 'कानपुर पुलिस हत्याकांड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरोपी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह उच्च-स्तरीय जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इंसाफ मिल सके. साथ ही, पुलिस व आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त सजा दिलाई जा सके. ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है.

विकास दुबे एनकाउंटर की 'कहानी' में UP Police के दावों में कितना दम!

पिछले दिनों कानपुर (Kanpur) में 8 पुलिसवालों की नृशंस हत्या करने वाला विकास दुबे (Vikas Dubey) मारा गया. यूपी पुलिस (UP Police) ने शुक्रवार सुबह ही दुबे को मौत की नींद सुला दिया लेकिन, 24 घंटे पहले जो शख्स ने यूपी पुलिस के एनकाउंटर (Encounter) से बचने के लिए भागा-भागा फिर रहा था. जिस शख्स ने एनकाउंटर से बचने के लिए यूपी से भाग कर उज्जैन के महाकाल मंदिर में चिल्ला-चिल्ला कर बोल रहा था 'मैं हूं विकास दुबे कानपुर वाला', वह शख्स 24 घंटे बाद 100 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में किसी एक सिपाही का पिस्टल छिनने की कोशिश करेगा? इस एनकांउटर के बाद कानून के जानकारों का मानना है कि पिछले साल हैदराबाद एनकाउंटर के बाद से ही देश में एक गलत परंपरा की शुरुआत हो गई. यूपी पुलिस कोर्ट में भले ही इसे एनकाउंटर साबित कर दे, लेकिन न्यायपालिका की मजबूती के लिए यह परंपरा ठीक नहीं.

कानून के जानकारों का क्या कहना है

कानून के जानकारों का मानना है कि बेशक, विकास दुबे ने बहुत जघन्य काम किया था, लेकिन अगर उसे न्यायालय के जरिए सजा मिलती तो लोगों को न्यायपालिका में विश्वास और गहरा होता. सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रविशंकर कुमार कहते हैं. 'विकास दुबे के आपराधिक इतिहास और उसके बयानों से लगता है कि उसके कई राजनेताओं और कई पुलिसकर्मियों के संबंध थे. कानपुर घटना के मीडिया रिपोर्ट्स में उसके बड़े-बड़े लोगों के साथ संबंध होने की खबर आ रही थी. ऐसे में हाल के दिनों में जो परिस्थिति बनी थी उससे फर्जी एनकाउंटर की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. पिछले साल हैदराबाद एनकाउंटर के बाद से देश में एक नई परंपरा की शुरुआत हो गई है. भारत जैसे देशों में इस तरह की परंपरा का शुरू होना न्यायपालिका की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकता है.'

पुलिस की थ्योरी में कितना दम?

इस घटना के बाद यूपी पुलिस अजीबोगरीब परिस्थिति से जूझेगी. एसएसपी कानपुर के मुताबिक कुछ गाड़ियां एसटीएफ की गाड़ियां का पीछा कर रही थी और इससे बचने के लिए एसटीएफ ने गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी और एक्सीडेंट हो गया. कई लोगों को लग रहा है कि विकास दुबे की 'एनकाउंटर' की कहानी झूठी है. कानून के जानकारों का मानना है कि वास्तव में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिक्षित किए गए पुलिस अधिकारियों को खुद 'हिंसा' के ऐसे कृत्यों का सहारा लेना पड़ा?

हैदराबाद एनकाउंटर के बाद नई परंपरा की शुरुआत

बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के बाद चार अभियुक्तों का सीन क्रिएशन के नाम पर पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. इस घटना के बाद कोर्ट ने कहा था कि इस तरह की हत्याओं की जांच स्वतंत्र तरीके से होनी चाहिए. कोर्ट ने तब कहा था कि इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट दायर की जानी चाहिए और उस आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: Vikas Dubey Encounter: विकास दुबे की मौत पर SSP कानपुर का बड़ा खुलासा, ये लोग कर रहे थे काफिले का पीछा


पिछले साल हैदराबाद पुलिस के एनकाउंटर की आलोचना की गई थी, लेकिन उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हैदराबाद में एनकाउंटर का मुद्दा उठाया था. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में अभी भी यह मामला लंबित है. हालांकि, कानून के कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि अदालतों से न्याय मिलने में इतनी देर होती है कि अब इस तरह के मामले सामने आने लगे.

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Vikas Dube ka Pura Kaccha chitha

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Vikas Dubey was a history-sheeter, gangster-turned-politician, based in Kanpur Dehat district in the Indian state of Uttar Pradesh. The first criminal case against him was registered in the early 1990s, and by 2020 he had over 60 criminal cases against his.

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